MUJHE TERI ZAROORAT HAI @Ek Villain

MUJHE TERI ZAROORAT HAI Hindi Lyrics #Mustafa Zahid @Ek Villain

Song Credits:
Song: Zaroorat
Movie: Ek Villain
Singer: Mustafa Zahid
Lyricist: Mithoon
Music Label: T-Series

Hindi Lyrics:
ये दिल तन्हा क्यों लगे?
क्यों हम टुकड़ो में जिए?

ये दिल तन्हा क्यों लगे?
क्यों हम टुकड़ो में जिए?
क्यों रूह मेरी ये सहे ?

मैं अधूरा जी रहा हूं।
हरदम ये कह रहा हूं,
मुझे तेरी जरूरत है।
मुझे तेरी जरूरत है,
मुझे तेरी जरूरत है।

अंधेरों से था मेरा रिश्ता बड़ा
तूने ही उजालों से वाकिफ किया।
अब लौटा में हूं इन अंधेरों में फिर।
हो पाया है खुद को बेगाना यहां ।
तनहाई भी मुझसे खफा हो गई।
बंजरों ने भी ठुकरा दिया।

मैं अधूरा जी रहा हूं।
खुद पर ही एक सजा हूं।
मुझे तेरी जरूरत है,
मुझे तेरी जरूरत है।

तेरे जिस्म की, वो खुशबुओं में,
अब इन सांसो में जिंदा है
मुझे हो रही, इनसे घुटन,
मेरे गले का ये फंदा है।
हो तेरी चूड़ियों की वो खनक,
यादों के कमरे में गूंजे है।
सुनकर ऐसे आता है याद,
हाथों में मेरे जंजीरे हैं।

तू ही आके इनको निकाल जरा,
कर मुझे यहाँ से रिहा ।

मैं अधूरा जी रहा हूं
ये सजाएं दे रहा हूं।
मुझे तेरी जरूरत है,
मुझे तेरी जरूरत है,
मुझे तेरी जरूरत है।

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